कितना अजीब लगता है ना जब आप स्माइलीज के अभाव में चिन्हों से ही काम चलाते हैं। ब्लॉग बुद्धि लेकर आया है ऐसा उपाय जिससे आपके पोस्ट में याहू जैसे स्माइलीज आ जायेंगे।
यह स्क्रिप्ट उन लोगों के लिए काफी लाभदायक होगा जो ब्लोग लिखते वक्त भी स्माइलीज का बहुत ही ज्यादा प्रयोग करते हैं। उदाहरण के तौर पर नीचे दिखाए गए दो चित्र देखें।
स्क्रिप्ट के इस्तेमाल के पहले:स्क्रिप्ट के इस्तेमाल के बाद
आजतक आपने जितने भी पोस्ट में स्माइलीज का प्रयोग किया है उन सारे पोस्ट्स में भी साधारण चिन्हों की जगह स्माइलीज दिखाई देने लगेंगे। ज्यादा भुमिका ना बांधते हुए सीधे काम की बात।
१ - ब्लोगर पर लोग-इन करें। template > edit html > edit template के अंतर्गत Expand widget template पर क्लिक करें।
2 - head टैग ढूँढें। एवं उसके ठीक नीचे निम्न कोड चिपकायें। (जैसा कि चित्र मे दिखाया गया है)
३ - body टैग ढूँढें। उसके अंदर यह लिखें: onload='replaceText();' (चित्रानुसार)४ - data:post.body ढूँढें। (नीचे के चित्र में लाल रंग के बक्से में प्रदर्शित) एवं उसके ठीक पहले वाले टैग में id='postcontent' लिखें। (नीचे के चित्र मे ठीक पहले वाला टैग P है, किसी किसी टेम्प्लेट मे कुछ और भी हो सकता है। जो भी टैग है उसमे परिवर्तन करें. परिवर्तन हरे रंग में प्रदर्शित है.)
५ - save template पर क्लिक करें। बस हो गया।
किसी तरह कि कोई समस्या आनी तो नही चाहिऐ परन्तु अगर कुछ गडबडी होती है तो सूचित करें। अभी तक आप जिन जिन चिन्हों का प्रयोग कर सकते हैं वो ये रहे:
:)
:(
;)
:P या :p
:D या :d
:X या :x
:O या :o
(सोच रहा हूँ कि एक डिस्क्लेमर भी लिख ही डालूँ कि यहां प्रदर्शित हर कोड का इस्तेमाल आपकी अपनी जिम्मेवारी है)
10 comments:
December 4, 2007 at 7:17 PM
लगता है विकास बाबू कईयों के चिट्ठों का बैंड बजवाने की तैयारी करके आए हैं. HTML काहे एडिट करवा रहे हैं भइया नुस्खा ढ़ंढना ही था तो कोई रेडी टू यूज़ स्टाइल में बनाते... चलो देखेंगे बाद में. अभी तो बहुत बिजी हैं भई.
December 5, 2007 at 4:01 PM
नहीं संजय जी! किसी के चिट्ठे का बैंड नहीं बजेगा. मैं तो सिर्फ़ मदद करने की कोशिश कर रहा हूँ. जिन्हें स्क्रिप्ट के इस्तेमाल से परेशानी होगी, मैं उनकी मदद तो करूँगा ही. मगर परेशानी होगी - इसकी संभावना नगण्य है. मैंने स्वयं सारे कोड टेस्ट किये हैं. रेडी टू य़ूज स्टाइल में ये चीज नहीं बनायी जा सकती. जब भी हम फ़ोरमेट बदलना चाहेंगे, html तो ऎडिट करना ही होगा.
December 7, 2007 at 3:20 AM
December 7, 2007 at 3:22 AM
आपको बधाई । इतनी मदद कर रहे हैं आप हम सबकी ।
December 7, 2007 at 9:07 AM
निर्मल जी! कॄपया अपने ब्लोग का लिंक दें!
December 8, 2007 at 4:02 AM
विकास भाई, आपकी इस ब्लागसेवा का लाभ लेना चाहता हूं। शब्दों का सफर नाम का एक ब्लाग चलाता हूं। http://www.shabdavali.blogspot.com/
पिछले कई महिनों से भांति भांति की समस्याएं आई हैं। अभी देखें तो पाएंगे कि हैडर बहुत छोटा हो गया है और आसपास काफी स्पेस दिख रहा है। पहले ये खूबसूरत नज़र आता था अब भद्दा लग रहा है। क्या इसे सुधारने का कोई उपाय है आपके पास। मेरे ई मेल पर भी जवाब दे सकते हैं। wadnerkar.ajit@gmail.com
आभार मानूंगा। तकनीकी अनपढ़ हूं और ब्लागिंग की बीमारी पाल ली है।
December 8, 2007 at 9:31 AM
विकास भाई संजीत भैया से आपके ब्लोग के बारे मे पता चला । आपका ब्लोग देखा और पढा । बहुत ही अच्छा और रोचक लिखते है आप । आपके द्वारा लिखे गये चिट्ठे ब्लोगर्स के लिये बहुत उपयोगी है । विकास भाई मै आपके चिट्ठों को अपने अंग्रेजी ब्लोग http://master-tricks.blogspot.com मे लिखने के लिये आपसे अनुमति चाहता हु । आपके जवाब की प्रतिक्षा मे …………… विकास अग्रवाल
December 18, 2007 at 12:36 PM
लीजिये आपने हमारी दो ठो पोस्ट का नुसकान कर दिया:) इन दो विषयों पर कई दिनों से प्रयोग कर रहे थे।
चलिये कोई बात नहीं कोई भी लिखे चिट्ठाकारों को फायदा होना चाहिये।
॥दस्तक॥
January 26, 2008 at 9:02 PM
Great hack..
just one question.. is it advisable to use the onload function in the body tag.. wouldnt this conflict with other script files that a person could have added in his blog..
i faced the same problem.. but was solved by adding the window onload function in the scirpt file
this way.. as one script file checks for replacing key-strokes with icon.. other script files perform their onload function independently
Please donot feel offended..
I had inserted my script for yahoo milsyes as onload.. and went into problems.. thats y i am telling this. You may dload and see my js file.. if you feel window onload is an option that shall solve conflict between scripts
My post about inserting yahoo smileys
Again,please dont feel offended.. I am sorry if it is so.
January 26, 2008 at 9:29 PM
Deepa ji!
I commented on your blog about this. :)
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